एक बार फिर अंतरिक्ष यात्री उतरेंगे चांद पर, NASA ने आर्टेमिस मिशन के तहत किया बड़ा ऐलान, भारत की भागीदारी होगी महत्वपूर्ण

NASA Artemis mission – अमेरिका ने NASA के मिशन आर्टेमिस के जरिए चांद पर अंतरिक्ष यात्री को उतारने का फैसला लिया हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अंतर्राष्ट्रीय यात्री को भी यह सुनहरा मौका मिलेगा। उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने बुधवार को ये घोषणा की है। अमेरिका ने आर्टेमिस मिशन के तहत चंद्रमा पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों को उड़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। इस मिशन में अमेरिका के साथ कई लोग शामिल हुए हैं। इन देशों में भारत ने भी हिस्सा लिया हैं।

यह घोषणा USA की राजधानी वॉशिंगटन में की गई हैं। USA की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने हैरिस ने कहा की आर्टेमिस मिशन में हमारे सहयोगियों और साझेदारों ने एक शानदार भूमिका निभाई है। उनकी इस आवश्यक भूमिका को समझते हुए मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। USA के उप राष्ट्रपति के साथ मीटिंग में विदेश मंत्र एंटनी ब्लिंकन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेव सुलिवन भी शामिल थे।

क्या हैं आर्टेमिस मिशन

USA की स्पेस एजेंसी NASA द्वारा वर्ष 2024 तक पहली महिला और अगले पुरुष को चंद्रमा पर भेजना चाहता है। इस मिशन का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव सहित चंद्रमा की सतह पर अन्य जगहों पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतरना है। आर्टेमिस मिशन के माध्यम से NASA नई प्रौद्योगिकियों, क्षमताओं और व्यापार दृष्टिकोण का प्रदर्शन करना चाहता है जो भविष्य में मंगल ग्रह में अन्वेषण के लिये आवश्यक होंगे।

प्रत्येक मिशन में होंगे 4 यात्री

इस मिशन की जानकारी देते समय उप राष्ट्रपति ने कहा की आर्टेमिस मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री जा सकते हैं लेकिन इनमें से केवल 2 यात्री ही चंद्रमा पर उतर सकते हैं। और दो अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्ष यान एक छोटे से अंतरिक्ष स्टेशन में बैठकर चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। इस मिशन में जापान स्पेस एजेंसी, कनाडा स्पेस एजेंसी और भारत की स्पेस एजेंसी शामिल हुई है। अमेरिका का कहना हैं की साथ काम करने से सभी साथ साथ आगे बड़ेंगे।

आर्टेमिस मिशन में भारत की भागीदारी

USA की स्पेस एजेंसी ने कहा की भारत इस मिशन के लिए काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाला हैं। समान विचारधारा वाले देशों को नागरिक अंतरिक्ष खोज के मुद्दे पर एक साथ लाता है। अमेरिका के राष्ट्रपति भवन ने यह भी कहा कि नासा व इसरो 2024 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक संयुक्त मिशन पर सहमत हुए हैं।

 

 

 

 

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