ASTRASHAKTI Exercise में भारतीय वायु सेना ने किया ‘ SAMAR ‘ का सफलता पूर्वक प्रशिक्षण

SAMAR(System for Advance Manufacturing Assessment and Rating )- भारत ने world में अपनी एक अलग ही पहचान बना रखी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह हैं कि कम संसाधन होने के बावजूद भी आए दिन कुछ नया जरूर करता हैं जैसे की CHANDRAYAN -3 और ADITYA L1 MISSION, टेक्नोलॉजी के मामले में चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों को टक्कर दे रहा हैं। हाल ही में आयोजित ASTRASHAKTI Exercise में IAF(indian Air force) ने SAMAR मिसाइल का सफलता पूर्वक प्रशिक्षण किया हैं। इस मिसाइल की सबसे ख़ास बात यह हैं कि हवा में आ रही दुश्मन की मिसाइल का खात्मा करना। इस मिसाइल का प्रशिक्षण कर भारत ने पुरे विश्व को यह बता दिया हैं की हम किसी से डरने वाले नही हैं।

क्या हैं SAMAR का मतलब

SAMAR – वायु रक्षा प्रणाली ‘SAMAR’ को भारतीय वायुसेना के मेंटेनेंस कमांड के तहत एक यूनिट की ओर से डेवलप किया गया है।’ इस मिसाइल सिस्टम को पहली बार एक्सरसाइज में शामिल किया गया, जिसका मकसद सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणालियों का टेस्ट करना और उनके ऑपरेशनल फील्ड ट्रायल को अंजाम देना रहा है। यह 2.5 मैक की गति सीमा पर चलने वाली मिसाइलों के साथ हवाई खतरों का सामना कर सकती है।

आखिर क्यों जरूरत हैं? SAMAR की

हम सभी जानते हैं की पाकिस्तान आए दिन भारत पर हमले करता रहता हैं। हालाकि पाकिस्तान इतना शक्तिशाली देश नही हैं। उसके पास कोई ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी नही हैं जिससे की वह भारत पर हमला कर सकते। लेकिन चाइना और पाकिस्तान की दोस्ती दीन ब दिन बड़ने के कारण चीन उन्हे एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस हथियार दे रहा हैं। कई सालो से चीन भारत पर नज़र रखे हुए हैं क्यों की भारत टेक्नोलॉजी में दीन ब दीन आसमान छू रहा हैं। चीन चहता है कि भारत उसके नीचे रह कर काम करे लेकिन भारत को कमजोर समझने की गलती उसकी सबसे बड़ी गलती हो सकती हैं।

SAMAR को लेकर अधिकारियों का बयान

IAF अधिकारियों ने कहा कि SAMAR प्रणाली में एक ट्विन-बुर्ज लॉन्च प्लेटफॉर्म शामिल है, जो खतरे के परिदृश्य के आधार पर सिंगल और सैल्वो मोड में दो मिसाइलों को लॉन्च करने में सक्षम है।

आए दिन भारत में या पूरे विश्व में नई नई टेक्नोलॉजी लांच होती रहती हैं। इन खबरों से आप वंचित ना रहे इसलिए हम आपके लिए ऐसी खबरे लिख रहे हैं। इसे पुरा पढ़ने के बाद आपका कॉमेंट जरूर छोड़कर जाए

 

 

 

 

 

 

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